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बुलंदशहर हिंसा पर योगी का फरमान- गोकशी हुई तो नपेंगे एसपी, डीएम

बुलंदशहर में गोकशी को लेकर भड़की हिंसा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त फरमान जारी किया है. सीएम योगी ने कहा है कि किसी भी जिले में गोकशी की घटना पाई गई तो इसके लिए सीधे जिले के एसपी और डीएम जिम्मेदार होंगे.   इस बात की जानकारी मुख्य सचिव ने उत्तर प्रदेश के सभी डीएम और एसपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी है, मुख्यमंत्री ने गोकशी पर अपना सख्त रुख मंगलवार रात की हुई मीटिंग में रखा था और हाई लेवल मीटिंग में उच्चाधिकारियों को गोकशी रोकने के साथ ही जिले के अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराने के निर्देश दिए थे. मुख्यमंत्री के इसी हाई लेवल मीटिंग के बाद मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडे ने सभी जिला अधिकारियों और पुलिस कप्तानों को सख्त निर्देश जारी किए हैं. सीएम योगी के निर्देश पर मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी मण्‍डलायुक्‍तों और फील्‍ड में तैनात पुलिस एडीजी, आईजी एवं डीआईजी को जनपद भ्रमण के दौरान निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं. प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारी और वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षकों को अवैध पशुवधशालाओं के संबंध में की...

ऐश्वर्या से तलाक पर अड़े तेज प्रताप, सुनवाई की रिपोर्टिंग पर रोक

आरजेडी नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की तलाक की अर्जी पर आज गुरुवार को पहली सुनवाई हुई. कोर्ट ने पत्नी ऐश्वर्या राय को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 8 जनवरी के लिए टाल दी है. साथ ही कोर्ट ने आदेश जारी किया कि तेज प्रताप के तलाक से जुड़े किसी भी पहलू पर मीडिया रिपोर्टिंग नहीं होगी. इससे पहले तलाक की अर्जी वापस लेने के सवाल पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि वह इसे कैसे वापस ले सकते हैं? 3 नवंबर को तेज ने पटना की फैमिली कोर्ट में पत्‍नी ऐश्‍वर्या से तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी जिसकी सुनवाई की तारीख 29 नवंबर को मुकर्रर की गई थी. ऐश्‍वर्या राजद नेता चंद्रिका राय की बेटी हैं और इस साल मई महीने में तेज प्रताप यादव से उनकी शादी हुई थी. राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप के वकील यशवंत कुमार शर्मा ने प्रधान न्यायाधीश से जल्द सुनवाई की मांग की लेकिन कोर्ट ने 2 बजे का वक्त तय किया . तेज प्रताप के वकील यशवंत कुमार शर्मा समेत दो अन्य वकीलों ने उनके तलाक की अर्जी पर साइन किया. हालांकि कोर्ट में सुनवाई के इतर दोनों परिवारों की तरफ से मामले को सुलझाने का पूरा प्रयास किया जा ...

महिलाएं मंदिर में नहीं जाती थीं, जगह-जगह लिखा- वे पवित्र हैं, उनका प्रवेश निषेध नहीं

मनोज प्रियदर्शी, सूरत. केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल तक की उम्र की महिला ओं के जाने को लेकर घमासान छिड़ा हुआ है, लेकिन गुजरात के डांग जिले में माता शबरी का ऐसा मंदिर है, जहां महिलाओं को प्रवेश कराने के लिए बाकायदा बोर्ड लगाए गए हैं। वह भी 1-2 नहीं, 20 से ज्यादा बोर्ड । यह मंदिर सूरत से करीब 140 किमी दूर सुबीर गांव में है। नाम है शबरी धाम। यह वही शबरी हैं, जिनका उल्लेख रामायण में है। मान्यता है कि इसी जगह माता शबरी ने भगवान राम को अपने जूठे बैर खिलाए थे। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही जगह-जगह महिलाओं को पवित्र बताने और उनके प्रवेश पर किसी तरह के रोक नहीं होने के बोर्ड देखे जा सकते हैं। एक बोर्ड नहीं दिखा तो जगह-जगह लगाए : मंदिर प्रशासन ने सबसे पहला बोर्ड चार साल पहले लगाया। लेकिन कई महिलाएं इसे देखने से चूक जाती थीं। इसलिए एक साल पहले मंदिर प्रवेश के रास्ते, पार्किंग , गार्डन और अन्य जगहों पर भी बोर्ड लगा दिए गए। इसका सकारात्मक असर भी हुआ। शबरी धाम करीब साढ़े चार एकड़ में फैला हुआ है। यहां शबरी मंदिर के साथ ही पंपेश्वर महादेव और बजरंग बली का मंदिर भी है। माता के मंदि...